न्यूनतम मजदूरी क्या है? | मजदूरी के प्रकार

न्यूनतम मजदूरी अधिनियम श्रमिक वर्ग का किसी देश के आर्थिक विकास में सर्वाधिक योगदान होता है इसलिए सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था में उन्हें महत्वपूर्ण स्थान मिलना चाहिए. औद्योगिक विकास के वर्तमान युग में यदि श्रमिक वर्ग असंतुष्ट है उसे उचित मजदूरी नहीं दी जाती उसका शोषण किया जाता है तो इसे औद्योगिक विकास का युग … Read more

स्थायी आदेश क्या है? | स्थायी आदेशों का प्रारूप प्रस्तुत करने के लिए क्या प्रक्रिया है?

स्थायी आदेश क्या है? स्थायी आदेश (Standing Order) स्थायी आदेशों से तात्पर्य इस अधिनियम की अनुसूची में वर्णित विषयों के सम्बन्ध में नियम से है. अर्थात स्थाई आदेश शब्द से इस अधिनियम की अनुसूची में वर्णित मामलों के सम्बन्ध में नियमावली से है. प्रत्येक नियोजक इस अधिनियम की अनुसूची में उपबन्धित किसी मामले के सम्बन्ध … Read more

बोनस क्या है? | बोनस की परिभाषा, उद्देश्य एवं भुगतान की समय सीमा

बोनस की परिभाषा बोनस शब्द को बोनस भुगतान अधिनियम, 1965 में कहीं भी परिभाषित नहीं किया गया है. सामान्य अर्थ में बोनस से तात्पर्य है जिस संस्था में कर्मचारियों ने काम किया है उसके लाभ में श्रमिकों द्वारा हिस्सा लेना बोनस कहलाता है. आक्सफोर्ड शब्दकोश में बोनस शब्द को निम्न प्रकार परिभाषित किया गया है- … Read more

वकील, अधिवक्ता और बैरिस्टर के बीच अंतर?

वकील (Lawyer) वकील किसे कहते हैं? “वकील (Lawyer)” का अर्थ होता है कोई व्यक्ति जो कानून पढ़ चुका है और कानूनी सलाह देने और कानूनी मामलों में ग्राहकों का प्रतिनिधित्व करने के योग्य होता है. यह एक व्यापक शब्द है जिससे सॉलिसिटर, बैरिस्टर, एटॉर्नी, और कानूनी सलाहकार जैसे विभिन्न कानूनी विशेषज्ञों का सम्मिलित आभास होता … Read more

न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के उद्देश्य

न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के उद्देश्य न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 का उद्देश्य कुछ सेवाओं में न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करना है जहां शोषित, श्रमिकों की बहुतायत है अथवा जहां मजदूरों का शोषण किया जाता है. भारत के उच्चतम न्यायालय ने अवलोकन किया है कि अधिनियम का जो भी उद्देश्य है वह न्यूनतम वेतन का सांविधिक निर्धारण है … Read more

छँटनी की परिभाषा, शर्त, प्रक्रिया एवं प्रतिकर पाने का अधिकार?

छँटनी की परिभाषा छँटनी क्या है? औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा ‘2णण’ में दी गई परिभाषा के अनुसार, इस पद का अर्थ है कि नियोजक द्वारा किसी कामगार की सेवा जो किसी भी कारण से हो, किन्तु अनुशासन की कार्यवाही द्वारा दंडित करने के लिए दण्ड स्वरूप न हो, किन्तु इसमें सम्मिलित नहीं है- … Read more

जबरी छुट्टी का अर्थ, परिभाषा एवं प्रतिकर पाने का अधिकार?

जबरी छुट्टी का अर्थ जबरी छुट्टी का अर्थ है-नियोजक (मालिक) को कोयला, शक्ति (Power) अथवा कच्चा माल की कमी अथवा माल के अभाव या मशीन की खराबी अथवा प्रकृति के प्रकोप अथवा कोई अन्य सम्बन्धित कारण से, कामगार जिसका नाम उसके औद्योगिक व्यवस्थापन की उपस्थिति नामावली में अंकित है और जिसकी छंटनी नहीं हुई है … Read more

कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत निरीक्षकों की नियुक्ति, कार्य और शक्तियां?

कारखाना निरीक्षकों की नियुक्ति? अधिनियम की धारा 8 में उपबन्धित किया गया है कि राज्य सरकारी गजट द्वारा किसी भी व्यक्ति, जो कि पर्याप्त योग्यता रखता हो, को निरीक्षक के पद पर नियुक्त कर सकती है. राज्य ऐसे निरीक्षक के कार्य क्षेत्रों को भी निर्धारित करती है. राज्य इसी प्रकार से मुख्य निरीक्षक तथा अतिरिक्त … Read more

कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्बन्धी उपबंध?

कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य सम्बन्धी उपबंध? अधिनियम श्रमिकों के स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रावधानों को निम्नलिखित रूप में उल्लिखित करता है- 1. स्वच्छता धारा 11 उपबन्धित करती है कि प्रत्येक कारखाना साफ रखा जायेगा तथा दुर्गन्ध एवं न्यूसेन्स से बचाया जायगा। 2. कूड़ा एवं गन्दे पदार्थों को हटाना धारा 12 उपबन्धित करती है … Read more

कारखाना का आशय क्या है? | कारखाना अधिनियम 1948 की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

कारखाना का आशय क्या है? कारखाना से आप क्या समझते हैं? कारखाना अधिनियम 1948 के प्रवाधानों के अनुसार, कारखाना शब्द का प्रयोग का आशय किसी भवन, मकान या स्थान से लगाया जा सकता है जहाँ 10 या अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं अथवा पूर्ववर्ती 12 महीनों में से किसी दिन काम कर रहे थे … Read more