दंड न्यायालयों की शक्तियां क्या हैं? | Powers of Criminal Courts

CrPC के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के आपराधिक न्यायालयों की शक्तियां?

दंड न्यायालयों की शक्तियां?

सीआरपीसी की धारा 28 क्या है? हमारे यहां न्यायालयों का पद-सोपान (Steps) निर्धारित है. राज्य में उच्चतम स्तर पर उच्च न्यायालय होता है तो निम्नतम स्तर पर द्वितीय वर्ग के न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय. इनकी दण्डादेश शक्तियां भी अलग-अलग हैं. उच्च न्यायालय तथा सेशन न्यायाधीश को दण्डादेश की शक्ति धारा 28 में दी गई जो इस प्रकार है-

  1. उच्च न्यायालय की दण्डादेश शक्ति (Sentencing Power of High Court)
  2. सेशन न्यायालय की दण्डादेश शक्ति (Sentencing Power of Court of Session)
  3. सहायक सेशन न्यायाधीश की दण्डादेश शक्ति (Sentencing Power of Assistant Sessions Judge)

1. उच्च न्यायालय की दण्डादेश शक्ति

उच्च न्यायालय (High Court) विधि द्वारा प्राधिकृत कोई भी दण्डादेश दे सकता है.

2. सेशन न्यायालय की दण्डादेश शक्ति

सेशन न्यायाधीश (Session Judge) या अपर सेशन न्यायाधीश विधि द्वारा प्राधिकृत कोई भी दण्डादेश दे सकता है. किन्तु उसके द्वारा दिये गये मृत्यु दण्डादेश को उच्च न्यायालय द्वारा पुष्टि किये जाने की आवश्यकता होगी. मृत्यु दण्डादेश की पुष्टि के लिए धारा 366 के अन्तर्गत उच्च न्यायालय को प्रस्तुत की जाती है.

3. सहायक सेशन न्यायाधीश की दण्डादेश शक्ति

सहायक सेशन न्यायाधीश (Assistant Session Judge) विधि द्वारा प्राधिकृत ऐसा कोई दण्डादेश दे सकेगा जो-

  1. मृत्यु-दण्ड,
  2. आजीवन कारावास,
  3. दस वर्ष से अधिक अवधि का कारावास नहीं हो।

सीआरपीसी की धारा 29 क्या है? मजिस्ट्रेट को दण्ड देने की शक्ति धारा 29 में दो गई है जो निम्नलिखित है-

(1) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के न्यायालय की दण्डादेश शक्ति

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (Chief Judicial Magistrate) का न्यायालय मृत्यु दण्ड, आजीवन कारावास या 7 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए कारावास के दण्डादेश के सिवाय कोई ऐसा दण्डादेश दे सकता है जो विधि द्वारा प्राधिकृत है।

(2) प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट (FCM) के न्यायालय की दण्डादेश शक्ति

प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट (First Class Magistrate) का न्यायालय 3 वर्ष से अधिक अवधि के लिए कारावास का या 10,000 रुपये से अनधिक जुर्माने का या दोनों का दण्डादेश दे सकता है।

(3) द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट (SCM) के न्यायालय की दण्डादेश शक्ति

द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट (Second Class Magistrate) का न्यायालय 1 वर्ष से अधिक अवधि के लिये कारावास या 5,000 रुपये से अनधिक जुमाने का या दोनों का दण्डादेश दे सकता है.

(4) मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट एवं महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय की दण्डादेश शक्ति (CMM and MM)

मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (Chief Metropolitan Magistrate) की दण्डादेश के सम्बन्ध में वही शक्तियां होंगी जो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की हैं. एवं महानगर मजिस्ट्रेट (Metropolitan Magistrate) की दण्डादेश के सम्बन्ध में वही शक्तियां होंगी जो प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट की है.

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