साम्य का अर्थ, परिभाषा, क्षेत्र, उद्भव एवं विकास
साम्य का अर्थ साम्य विधि का वह स्रोत है जो विधि के किसी विशिष्ट नियम के अभाव में प्रारम्भ होता है तथा कार्य करता है. साम्य, अत्यन्त ही सामान्य भाव में हम उसी को साम्य कहने के अभ्यस्त हैं जो व्यवहारों में “नैसर्गिक न्याय”, “ईमानदारी” और “सच्चाई” में पाया जाता है. मनुष्य के जब पुराने … Read more